welcome tohealthybestrong,blog

you are welcome to healthybestrong,blog

please visit upto end of this blog.

adsense code

google blog Search

Saturday, April 4, 2015

Fwd: [AMRIT VANI ] जब आपके पास


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga LM VJM <mggarga@gmail.com>
Date: 2015-04-04 10:00 GMT+05:30
Subject: [AMRIT VANI ] जब आपके पास
To: mggarga1932@gmail.com


http://ammritvanni.blogspot.in/



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

जब आपके पास सही विचार हैं, तो सही शक्ति है और सही शक्ति है तो पूर्ण सफ़लता है। जिनके पास बैठने से विचारों की महान पावर मिलती हो उनके पास बैठें। विचारों से मिलता है, दृष्टिकोण । जैसा दृष्टिकोण होता है वैसी उसकी उपलब्धियाँ होती हैं ।


--
Madan Gopal Garga LM VJM द्वारा AMRIT VANI के लिए 4/04/2015 10:00:00 am को पोस्ट किया गया

जब आपके पास

http://ammritvanni.blogspot.in/



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

जब आपके पास सही विचार हैं, तो सही शक्ति है और सही शक्ति है तो पूर्ण सफ़लता है। जिनके पास बैठने से विचारों की महान पावर मिलती हो उनके पास बैठें। विचारों से मिलता है, दृष्टिकोण । जैसा दृष्टिकोण होता है वैसी उसकी उपलब्धियाँ होती हैं ।

Friday, April 3, 2015

हर दिन

Visit Daily BLOGS For MORE POSTINGS
http://jiggyaasa.blogspot.in/
http://adhyatmik.blogspot.in/
http://rajmgarg.blogspot.in/
http://guruvatikasechunephool.blogspot.in/
http://wwwmggsantvani.blogspot.in/
http://ammritvanni.blogspot.in/
http://guruvanni.blogspot.in/
http://mggarga.blogspot.in/



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


हर दिन नया उपहार लेकर आता हैद्वार पर ठहरता है और प्रतीक्षा करनेके बाद चला जाता है अगर सके स्वागत के लिए तुम 
तैयार हो  तो वह उपहार प्रदान करता है
नहीं तो बहूमूल्य उपहार वापिस ले कर चलाजाता है !

Thursday, April 2, 2015

समय और

समय और परिस्थितियाँ नहीं बदलते, तुम्हें ही बदलना होगा।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

सद्ग्रन्थ इसलिए नहीं होते कि इनके ऊपर एक सुन्दर-सा रेशम का कपड़ा ढ़ककर केवल इनके आगे हाथ जोड़ लिए जाएं, बल्कि इनके भीतर जो शब्द हैं अगर वे आपके मस्तिष्क में स्थापित हो गए तो वे आपको इस तरह महकाएँगे जैसे किसी किताब के अंदर रखे सुगंधित फूल कुछ दिनों बाद पन्ने पलटने पर खुशबू देते हैं।

दुनिया की आँखों










दुनिया की आँखों में धूल झोंकर यदि बच भी गए तो सब कर्मो को देखने वाले नियंता से बचकर कहाँ जाओगे?