- अपनी प्रतिष्टा को भूलकर ,अकिंचन बनकर गुरू के darदर पर सेवा करने से जो प्राप्ति होगी ,उसकी कोई बराबरी नहीं !
- सुधान्शुजी जी महाराज
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Wednesday, November 18, 2015
अपनी प्रतिष्टा को
Tuesday, November 17, 2015
Sunday, November 15, 2015
Saturday, November 14, 2015
Fwd:
From: Madan Gopal Garga <mggarga2013@gmail.com>
Date: 2015-11-14 9:34 GMT+05:30
Subject:
To: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>
🌞 चेहरे के दाग-धब्बे हटाने के लिए बेहद असरकारक घरेलु उपाय 🌞
चेहरे के दाग-धब्बो से परेशान हैं तो ये आसान से घरेलु उपाय कीजिये।
🌻इनसे आपके दाग – धब्बे भी निकल जायेंगे, चेहरा भी कांतिमय हो जायेगा और आपके महंगे रासायनिक उत्पादों के उपयोग से हज़ारो रुपैये भी बचेंगे।
🌻इन घरेलू टिप्स में छिपे हैं चेहरे के दाग-धब्बे को हटाने के लिए बेहद असरकारक नुस्खे ।
1. पोदीना🌻
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यदि चेहरे पर दाग, मुंहासे से बिगड़ गया हो तो रोजाना पुदीने का पेस्ट का लेप करें एक माह तक, चेहरा सुंदर हो जायेगा।
2. कपूर नारियल तेल🌻
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कपूर को नारियल तेल के साथ मिलाकर मुँहासे के निशान पर लगाएँ और लगभग 10 मिनट बाद धो लें, यह कील मुहाँसों का कारगर इलाज है ।
3. राई🌻
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तीन चम्मच राई थोड़े से पानी में भिगा दें सुबह पीसें इतना ही पानी डालें जो पेस्ट बन जाये चेहरे पर इसे लगायें 20 मिनट बाद धोलें कील मुंहासे मिट जायेंगे।
4. करेला🌻
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दो करेला को धो काटकर आधा गिलास पानी में उबालकर इस पानी को पीने से लाभ होगा।
5. टमाटर🌻
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चेहरे के काले दागों को मिटाने के लिए टमाटर के रस में रुई भिगोकर दागो पर मलें। काले धब्बे साफ हो जाएंगे। रोजाना सुबह एक गिलास टमाटर के रस में नमक, जीरा, कालीमिर्च मिलाकर पीएं।
6. आलू🌻
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आलू उबाल कर छिलके छील लें और इसके छिलकों को चेहरे पर रगड़ें, मुहांसे ठीक हो जाएंगे।
7. जामुन🌻
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जामुन की गुठली पानी के साथ घिसकर मुंहासों पर लगाने से मुंहासों में लाभ होगा
8. जायफल🌻
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जायफल को घिसकर दस पिसी काली मिर्च व थोड़े कच्चे दूध में मिलाकर पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं। दो घंटे बाद चेहरा धो लें।
9. नींबू🌻
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त्वचा पर जहां कभी चकते हो उन पर नींबू का टुकड़ा रगड़े। नींबू में फिटकरी भरकर रगड़े। इससे चकते हल्के पड़ जाएंगे और त्वचा में निखार आएगा। नींबू के छिलके गर्दन पर रगडऩे सेगर्दन का कालापन दूर होता है।
10. संतरे के छिलके🌻
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संतरे के छिलकों को सुखाकर पीस लें। इसमें नारियल का तेल व थोड़ा सा गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा कोमल बन जाती है। संतरे के छिलके व नींबू छिलके को बारीक पीसकर दूध में मिलाकर चेहरे पर लगाने से निखार आ जाता है।
11. मसूर की दाल और बरगद🌻
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मसूर की दाल और बरगद के पेड़ की नर्म पत्तियां पीसकर लेप करें अथवा दालचीनी पीसकर दूध की मलाई के साथ लगाएं।
12. दही🌻
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मुहांसों के दाग-धब्बे चेहरे पर ज्यादा हो तो दही को उबटन की तरह इस्तेमाल करें।
13. कच्चा दूध🌻
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चेहरे को सुबह कच्चे दूध से धुलाई करे। इस से आपके चेहरे पर कोई भी दाग हो कील मुहांसे हो, सब निकल कर चेहरा बिलकुल बे दाग और कांतिमय हो जायेगा, और आपको कोई भी क्रीम वगैरह लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
🙏 त्रिभुवन गुप्ता, पटियाला 🙏
Friday, November 13, 2015
Fwd: ऑफिस की दिवाली पार्टी कैसे करें सेलिब्रेट , समुद्री नमक से कैसे दूर करें त्वचा का रूखापन
From: Onlymyhealth.com <onlymyhealth@onlymyhealth.com>
Date: 2015-11-10 8:24 GMT+05:30
Subject: ऑफिस की दिवाली पार्टी कैसे करें सेलिब्रेट , समुद्री नमक से कैसे दूर करें त्वचा का रूखापन
To: mggarga@gmail.com
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Sunday, November 8, 2015
Fwd:
From: Madan Gopal Garga <mggarga2013@gmail.com>
Date: 2015-11-07 19:29 GMT+05:30
Subject:
To: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>
विष तुल्य है रिफाइंड तेल! खाएं घानी
का तेल--------
आज से 50 साल
पहले तो कोई
रिफाइंड तेल के
बारे में जानता
नहीं था, ये
पिछले 20 -25
वर्षों से हमारे देश
में आया है | कुछ
विदेशी कंपनियों
और भारतीय
कंपनियाँ इस धंधे
में लगी हुई हैं |
इन्होने चक्कर
चलाया और
टेलीविजन के माध्यम से जम कर प्रचार किया लेकिन
लोगों ने माना नहीं इनकी बात को, तब इन्होने
डॉक्टरों के माध्यम से कहलवाना शुरू किया |
डॉक्टरों ने अपने प्रेस्क्रिप्सन में रिफाइन तेल लिखना
शुरू किया कि तेल खाना तो सफोला का खाना
या सनफ्लावर का खाना, ये नहीं कहते कि घानी से
निकला हुआ शुद्ध सरसों का तेल खाओ, तिल का
खाओ या मूंगफली का खाओ, आप सब समझदार हैं
समझ सकते हैं |
ये रिफाइन तेल बनता कैसे हैं? मैंने देखा है और आप भी
कभी देख लें तो बात समझ जायेंगे | किसी भी तेल
को रिफाइन करने में 6 से 7 केमिकल का प्रयोग
किया जाता है और डबल रिफाइन करने में ये संख्या
12 -13 हो जाती है | ये सब केमिकल मनुष्य के द्वारा
बनाये हुए हैं प्रयोगशाला में, भगवान का बनाया हुआ
एक भी केमिकल इस्तेमाल नहीं होता, भगवान का
बनाया मतलब प्रकृति का दिया हुआ जिसे हम
आर्गेनिक कहते हैं | तेल को साफ़ करने के लिए जितने
केमिकल इस्तेमाल किये जाते हैं सब Inorganic हैं और
Inorganic केमिकल ही दुनिया में जहर बनाते हैं और
उनका combination जहर के तरफ ही ले जाता है |
इसलिए रिफाइन तेल, डबल रिफाइन तेल गलती से भी
न खाएं | फिर आप कहेंगे कि, क्या खाएं ? तो आप
शुद्ध तेल खाइए, तिल का, सरसों का, मूंगफली का,
तीसी का, या नारियल का | अब आप कहेंगे कि शुद्ध
तेल में बास बहुत आती है और दूसरा कि शुद्ध तेल बहुत
चिपचिपा होता है | हम लोगों ने जब शुद्ध तेल पर
काम किया या एक तरह से कहे कि रिसर्च किया
तो हमें पता चला कि तेल का चिपचिपापन उसका
सबसे महत्वपूर्ण घटक है | तेल में से जैसे ही
चिपचिपापन निकाला जाता है तो पता चला कि
ये तो तेल ही नहीं रहा, फिर हमने देखा कि तेल में
जो बास आ रही है वो उसका प्रोटीन कंटेंट है, शुद्ध
तेल में प्रोटीन बहुत है, दालों में ईश्वर का दिया हुआ
प्रोटीन सबसे ज्यादा है, दालों के बाद जो सबसे
ज्यादा प्रोटीन है वो तेलों में ही है, तो तेलों में जो
बास आप पाते हैं वो उसका Organic content है
प्रोटीन के लिए | 4 -5 तरह के प्रोटीन हैं सभी तेलों
में, आप जैसे ही तेल की बास निकालेंगे उसका
प्रोटीन वाला घटक गायब हो जाता है और
चिपचिपापन निकाल दिया तो उसका Fatty Acid
गायब | अब ये दोनों ही चीजें निकल गयी तो वो
तेल नहीं पानी है, जहर मिला हुआ पानी | और ऐसे
रिफाइन तेल के खाने से कई प्रकार की बीमारियाँ
होती हैं, घुटने दुखना, कमर दुखना, हड्डियों में दर्द, ये
तो छोटी बीमारियाँ हैं, सबसे खतरनाक बीमारी है,
हृदयघात (Heart Attack), पैरालिसिस, ब्रेन का डैमेज
हो जाना, आदि, आदि | जिन-जिन घरों में पुरे
मनोयोग से रिफाइन तेल खाया जाता है उन्ही घरों
में ये समस्या आप पाएंगे, अभी तो मैंने देखा है कि
जिनके यहाँ रिफाइन तेल इस्तेमाल हो रहा है उन्ही
के यहाँ Heart Blockage और Heart Attack की
समस्याएं हो रही है |
जब
हमने
सफोला
का
तेल
लेबोरेटरी
में
टेस्ट
किया,
सूरजमुखी
का
तेल,
अलग-
अलग
ब्रांड का
टेस्ट किया तो AIIMS के भी कई डोक्टरों की रूचि
इसमें पैदा हुई तो उन्होंने भी इसपर काम किया और
उन डोक्टरों ने जो कुछ भी बताया उसको मैं एक
लाइन में बताता हूँ क्योंकि वो रिपोर्ट काफी
मोटी है और सब का जिक्र करना मुश्किल है, उन्होंने
कहा "तेल में से जैसे ही आप चिपचिपापन निकालेंगे,
बास को निकालेंगे तो वो तेल ही नहीं रहता, तेल के
सारे महत्वपूर्ण घटक निकल जाते हैं और डबल रिफाइन
में कुछ भी नहीं रहता, वो छूँछ बच जाता है, और उसी
को हम खा रहे हैं तो तेल के माध्यम से जो कुछ
पौष्टिकता हमें मिलनी चाहिए वो मिल नहीं रहा
है |" आप बोलेंगे कि तेल के माध्यम से हमें क्या मिल
रहा ? मैं बता दूँ कि हमको शुद्ध तेल से मिलता है
HDL (High Density Lipoprotein), ये तेलों से ही
आता है हमारे शरीर में, वैसे तो ये लीवर में बनता है
लेकिन शुद्ध तेल खाएं तब | तो आप शुद्ध तेल खाएं तो
आपका HDL अच्छा रहेगा और जीवन भर ह्रदय रोगों
की सम्भावना से आप दूर रहेंगे |
अभी भारत के बाजार में सबसे ज्यादा विदेशी तेल
बिक रहा है | मलेशिया नामक एक छोटा सा देश है
हमारे पड़ोस में, वहां का एक तेल है जिसे पामोलिन
तेल कहा जाता है, हम उसे पाम तेल के नाम से जानते
हैं, वो अभी भारत के बाजार में सबसे ज्यादा बिक
रहा है, एक-दो टन नहीं, लाखो-करोड़ों टन भारत आ
रहा है और अन्य तेलों में मिलावट कर के भारत के
बाजार में बेचा जा रहा है | 7 -8 वर्ष पहले भारत में
ऐसा कानून था कि पाम तेल किसी दुसरे तेल में
मिला के नहीं बेचा जा सकता था लेकिन GATT
समझौता और WTO के दबाव में अब कानून ऐसा है कि
पाम तेल किसी भी तेल में मिला के बेचा जा सकता
है | भारत के बाजार से आप किसी भी नाम का
डब्बा बंद तेल ले आइये, रिफाइन तेल और डबल रिफाइन
तेल के नाम से जो भी तेल बाजार में मिल रहा है वो
पामोलिन तेल है | और जो पाम तेल खायेगा, मैं
स्टाम्प पेपर पर लिख कर देने को तैयार हूँ कि वो
ह्रदय सम्बन्धी बिमारियों से मरेगा | क्योंकि पाम
तेल के बारे में सारी दुनिया के रिसर्च बताते हैं कि
पाम तेल में सबसे ज्यादा ट्रांस-फैट है और ट्रांस-फैट
वो फैट हैं जो शरीर में कभी dissolve नहीं होते हैं,
किसी भी तापमान पर dissolve नहीं होते और
ट्रांस फैट जब शरीर में dissolve नहीं होता है तो वो
बढ़ता जाता है और तभी हृदयघात होता है, ब्रेन
हैमरेज होता है और आदमी पैरालिसिस का शिकार
होता है, डाईबिटिज होता है, ब्लड प्रेशर की
शिकायत होती है |
श्री राजीव दीक्षित जीyeh aik dr arvinvd ne bheja hai pura padhen
